ओपन एमआरआई स्कैन क्या होता है और इसके क्या फायदे हैं?

complete guide on open mri scan in hindi
MRI Scan 30 Jan 2026

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    आज के समय में मेडिकल डायग्नोसिस (Medical Diagnosis) के लिए एमआरआई स्कैन (MRI Scan) एक बहुत ही महत्वपूर्ण जांच बन चुका है। जब डॉक्टरों को शरीर के अंदरूनी अंगों, टिश्यू (Tissues), नसों, ब्रेन, स्पाइन या जोड़ों की बारीक और स्पष्ट तस्वीरें चाहिए होती हैं, तब एमआरआई स्कैन की सलाह दी जाती है।

    लेकिन बहुत से मरीजों के मन में यह सवाल आता है कि ओपन एमआरआई स्कैन क्या होता है? और यह सामान्य (क्लोज्ड) एमआरआई से कैसे अलग है?

    इस ब्लॉग में हम आसान और सरल भाषा में बताएँगे कि ओपन एमआरआई स्कैन क्या होता है, यह कैसे किया जाता है, और यह क्लोज्ड एमआरआई स्कैन से किस तरह अलग होता है। साथ ही, हम ओपन एमआरआई स्कैन के फायदे, यह किन मरीजों के लिए सबसे उपयुक्त जाँच है, तथा इसकी पूरी प्रक्रिया, जरूरी सावधानियाँ और आम तौर पर पूछे जाने वाले प्रश्नों की जानकारी भी विस्तार से साझा करेंगे।

    एमआरआई स्कैन क्या होता है?

    एमआरआई (MRI Scan) एक आधुनिक मेडिकल इमेजिंग तकनीक है, जिसमें तेज चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) और रेडियो वेव्स (Radio Waves) का उपयोग करके शरीर के अंदरूनी हिस्सों की हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें ली जाती हैं।

    एमआरआई स्कैन में:

    • एक्स-रे या रेडिएशन का उपयोग नहीं होता
    • यह शरीर के सॉफ्ट टिश्यू (Soft Tissues) को बहुत स्पष्ट दिखाता है
    • ब्रेन, स्पाइन, लिगामेंट, मसल्स और नसों की जांच में बेहद उपयोगी है

    ओपन एमआरआई स्कैन क्या होता है?

    ओपन एमआरआई स्कैन (Open MRI Scan) एक ऐसी एमआरआई तकनीक है, जिसमें मशीन चारों तरफ से बंद नहीं होती। इसमें मरीज को एक खुले और आरामदायक डिज़ाइन वाली मशीन में स्कैन किया जाता है, जहां चारों ओर ज्यादा जगह होती है।

    सामान्य एमआरआई मशीन एक ट्यूब (Tunnel) की तरह होती है, जिसमें मरीज को पूरी तरह अंदर लेटना पड़ता है। वहीं, ओपन एमआरआई मशीन में:

    • साइड्स खुले होते हैं

    • ऊपर और नीचे मैग्नेट लगे होते हैं

    • मरीज को घुटन या डर कम महसूस होता है

    ओपन एमआरआई स्कैन कैसे काम करता है?

    ओपन एमआरआई स्कैन की कार्यप्रणाली क्लोज्ड एमआरआई जैसी ही होती है, फर्क सिर्फ मशीन के डिज़ाइन का होता है।

    इस प्रक्रिया में:

    1. मरीज को स्कैन टेबल पर आराम से लिटाया जाता है

    2. शरीर के जिस हिस्से की जांच करनी होती है, उसे मशीन के बीच में पोज़िशन किया जाता है

    3. मैग्नेटिक फील्ड और रेडियो वेव्स की मदद से इमेज बनाई जाती है

    4. कंप्यूटर इन सिग्नल्स को डिटेल्ड इमेज में बदल देता है

    पूरी प्रक्रिया दर्द रहित (Painless) होती है और इसमें किसी तरह की सुई या कट नहीं लगाया जाता।

    ओपन एमआरआई और क्लोज्ड एमआरआई में अंतर

    बिंदु

    ओपन एमआरआई

    क्लोज्ड एमआरआई

    डिज़ाइन

    चारों ओर से खुला

    ट्यूब जैसा बंद

    मरीज की सुविधा

    ज्यादा आरामदायक

    कई लोगों को घबराहट

    क्लॉस्ट्रोफोबिया

    बहुत कम

    ज्यादा

    मोटे मरीज

    ज्यादा उपयुक्त

    परेशानी हो सकती है

    बच्चों/बुजुर्गों के लिए

    बेहतर

    थोड़ा मुश्किल

    ओपन एमआरआई स्कैन के मुख्य फायदे

    1. क्लॉस्ट्रोफोबिया से राहत: बहुत से मरीजों को बंद जगह में जाने से डर लगता है। ओपन एमआरआई में चारों ओर खुलापन होने से घुटन और डर कम होता है
    2. मोटे (Obese) मरीजों के लिए बेहतर: जिन मरीजों का वजन (Weight) ज्यादा होता है, उन्हें क्लोज्ड एमआरआई में फिट होना मुश्किल हो सकता है। ओपन एमआरआई में ज्यादा स्पेस होने के कारण यह समस्या नहीं होती।
    3. बच्चों और बुजुर्गों के लिए आरामदायक: बच्चे और बुजुर्ग मरीज लंबे समय तक एक बंद मशीन में लेटे नहीं रह पाते। ओपन एमआरआई उनके लिए ज्यादा कंफर्टेबल होता है।
    4. कम घबराहट और तनाव: खुला वातावरण मरीज के मानसिक तनाव को कम करता है, जिससे स्कैन के दौरान मूवमेंट कम होता है और इमेज क्वालिटी बेहतर आती है।
    5. अटेंडेंट की मौजूदगी संभव: कुछ ओपन एमआरआई मशीनों में मरीज के साथ किसी परिजन की मौजूदगी भी संभव होती है, जो मरीज को मानसिक सहारा देती है।

    किन मरीजों के लिए ओपन एमआरआई सबसे अच्छा विकल्प है?

    ओपन एमआरआई स्कैन खासतौर पर इन मरीजों के लिए फायदेमंद है:

    • क्लॉस्ट्रोफोबिया से पीड़ित लोग

    • मोटापे से ग्रस्त मरीज

    • बच्चे

    • बुजुर्ग व्यक्ति

    • जोड़ों या दर्द के कारण सीधे लेटने में परेशानी वाले मरीज

    • एंग्जायटी या पैनिक अटैक वाले लोग

    ओपन एमआरआई में किन अंगों की जांच की जा सकती है?

    ओपन एमआरआई से शरीर के कई हिस्सों की जांच की जाती है, जैसे:

    • ब्रेन एमआरआई

    • स्पाइन (रीढ़ की हड्डी)

    • घुटना, कंधा और अन्य जोड़

    • मसल्स और लिगामेंट

    • गर्दन और पीठ

    • हिप जॉइंट

    ओपन एमआरआई स्कैन की प्रक्रिया (Step-by-Step)

    1. रजिस्ट्रेशन – मरीज की बेसिक जानकारी ली जाती है

    2. मेटल ऑब्जेक्ट हटाना – गहने, घड़ी, बेल्ट आदि निकालने होते हैं

    3. स्कैन टेबल पर लेटना – मरीज को आरामदायक पोज़िशन दी जाती है

    4. स्कैन शुरू – मशीन से हल्की आवाज़ आती है

    5. स्कैन पूरा – आमतौर पर 30 से 60 मिनट में

    ओपन एमआरआई स्कैन से पहले सावधानियां

    • किसी भी तरह के मेटल इंप्लांट की जानकारी डॉक्टर को दें

    • पेसमेकर या कोक्लियर इंप्लांट हो तो पहले बताएं

    • गर्भवती महिलाएं पहले डॉक्टर की सलाह लें

    • आरामदायक कपड़े पहनें

    क्या ओपन एमआरआई सुरक्षित है?

    हाँ, ओपन एमआरआई पूरी तरह सुरक्षित जांच है।
    इसमें:

    • रेडिएशन का इस्तेमाल नहीं होता

    • बार-बार करवाने पर भी कोई नुकसान नहीं

    • बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी सुरक्षित

    ओपन एमआरआई की सीमाएं

    हालांकि ओपन एमआरआई के कई फायदे हैं, लेकिन कुछ मामलों में क्लोज्ड एमआरआई ज्यादा उपयुक्त हो सकता है:

    • बहुत बारीक डिटेल की जरूरत हो

    • हाई स्ट्रेंथ मैग्नेट की आवश्यकता

    • कुछ विशेष न्यूरोलॉजिकल जांच

    निष्कर्ष

    ओपन एमआरआई स्कैन उन मरीजों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो बंद जगह से डरते हैं या जिन्हें आरामदायक माहौल की जरूरत होती है।
    यह न सिर्फ मानसिक तनाव को कम करता है, बल्कि मरीज के अनुभव को भी बेहतर बनाता है।

    अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य एमआरआई स्कैन से घबराता है, तो ओपन एमआरआई एक सुरक्षित, आरामदायक और भरोसेमंद समाधान हो सकता है।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

    क्या ओपन एमआरआई में दर्द होता है?

    नहीं, यह पूरी तरह दर्द रहित प्रक्रिया है।

    ओपन एमआरआई में कितना समय लगता है?

    आमतौर पर 30 से 60 मिनट।

    क्या बच्चे ओपन एमआरआई करवा सकते हैं?

    हाँ, यह बच्चों के लिए बहुत सुरक्षित और आरामदायक है।

    क्या ओपन एमआरआई की रिपोर्ट सही होती है?

    हाँ, ज्यादातर मामलों में रिपोर्ट पूरी तरह विश्वसनीय होती है।

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